Vigyan aur Prem

Vigyan Aur Prem | विज्ञान और प्रेम | कविता

Vigyan Aur Prem | विज्ञान और प्रेम | कविता  : सच और कल्पना के बीच फर्क है सिर्फ मानने भर का। विज्ञान और प्रेम  कविता में विज्ञान और प्रेम के एक विषय पर अलग अलग विचार है। दोनों अपने को वास्तविक और दूसरे को काल्पनिक मानते हैं।

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Vigyan Aur Prem | विज्ञान और प्रेम | कविता

Love Quotes In Hindi By Kagaj Kalam

 

विज्ञान बताता है, चन्द्रमा को उपग्रह
उसे महबूबा का अक्श बताएगा प्रेम।

विज्ञान बताता है, “रात का कारण” पृथ्वी का घूमना
उसे प्रेमिका की बिखरी जुल्फें बताएगा प्रेम।

 

विज्ञान बता सकता है गरज़ के साथ तेज़ बौछारें
सावन का झूमके आना बताएगा केवल प्रेम।

विज्ञान करा सकता है सक्सेस फुल बाईपास सर्जरी,
दिल तक पहुँचने का महीन रास्ता बताएगा प्रेम।

 

विज्ञान पढ़ासकता है फूलों को उगने से खिलने तक
होठों से उनका पवित्र सम्बन्ध बताएगा प्रेम।

 

विज्ञान बता सकता है “समय” घड़ियाँ बनाकर
इंतज़ार की घड़ियाँ बताएगा तो बस प्रेम।

 

विज्ञान नापसकता है समंदर की गहराई
आँखों में डूबना सिखाएगा तो सिर्फ प्रेम ।

विज्ञान बना सकता है जीवन आसान
उसे जीवन्त बनाएगा तो सिर्फ प्रेम।

 

विज्ञान दिखा सकता है अंत
हंसी कयामत दिखायेगा बस प्रेम।

 

विज्ञान लिख सकता है कई पन्नों के रिसर्च पेपर्स
छोटी सी कालजयी कविता लिखेगा तो सिर्फ प्रेम।।

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4 thoughts on “Vigyan Aur Prem | विज्ञान और प्रेम | कविता

  1. विज्ञान बताएगा, ख़ून पम्प के लिए दिल धड़क रहा
    लेकिन प्रेम बताएगया , इश्क के लिए दिल धड़क रहा

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