Taapmaan | तापमान | हिंदी कविता |

Taapmaan | तापमान | हिंदी कविता | PahadNama Taapmaan | तापमान | हिंदी कविता | Hindi Poems     सिर्फ, कमरे के सामान्य तापमान से ऊपर IQ वालों के लिए :   हाँ – हाँ जानता हूँ सबकुछ एक ही है। पर तापमान चाहिए अपना – अपना अस्तित्व बचाने के खातिर।   तभी शायद अपना…

Read More

Vigyan Aur Prem | विज्ञान और प्रेम | कविता

Vigyan Aur Prem | विज्ञान और प्रेम | कविता  : सच और कल्पना के बीच फर्क है सिर्फ मानने भर का। विज्ञान और प्रेम  कविता में विज्ञान और प्रेम के एक विषय पर अलग अलग विचार है। दोनों अपने को वास्तविक और दूसरे को काल्पनिक मानते हैं। Watch: PahadNama Listen: PahadNama   Vigyan Aur Prem…

Read More

Suno Hindi Poem | सुनो : कविता |

Suno Hindi Poem | सुनो :  कविता . मैं सारी मेल कम्युनिटी की जिम्मेदारी तो नहीं लेता पर अमूमन लड़कों का कमरा अस्तव्यस्त देखा है मैंने। हाँ कुछ लड़कियों का भी पर वो गिन्ने चुन्ने ही थे। मेरा खुद का कमरा काफी अस्तव्यस्त है। जगह – जगह चीज़ें पड़ी रहती हैं। PahadNama ये कविता मेरे…

Read More

अरहर की दाल |Trying to fit in | Hindi Poem |

अरहर की दाल | Trying to fit in | Hindi Poem,  एक हिंदी कविता जिसमे किरदार को अरहर पसंद है पर लोगों के सामने राजमा बताना पड़ता था। इस डर से की लोग उसे अलग न करदें। इस तरह की चीज़ें अक्सर हमारे साथ होती हैं और हम वो करने लगते हैं जो हमे पसंद…

Read More

बारिश का मौसम | Hindi Poem |

बारिश का मौसम a Hindi poem by Kagaj Kalam. Sometimes you don’t have anything to do. you are just sitting on your chair, looking raining, hearing its sound, and realizing how far we have come from our beloved ones without going so far. PahadNama: A collection of my Hindi poems बारिश का मौसम Barish ka…

Read More

Pakshi Par Kavita | पक्षी पर कविता | Hindi Poem |

Pakshi Par Kavita by kagaj kalam, An inspiring Hindi poem which tells the journey of a brave and curious bird. She has left her home to pursue her dream. She meets many people in the journey and makes them to love her. Maybe somewhere you find yourself in that bird. PahadNama   Pakshi Par Kavita…

Read More

अहम् ब्रह्मास्मि ! A Hindi Poem |

अहम् ब्रह्मास्मि ! is a Hindi poem by Kagaj Kalam on the misunderstanding of human to think himself “God.” Soon, he is going to realize when nature will turn against human. But in his stupidity and self catering pride, he is ignoring the fact. Hindi Poems By Kagaj Kalam अहम् ब्रह्मास्मि ! Hindi Poem PahadNama…

Read More

तुम्हे पहाड़ घुमाते हैं: Hindi Kavita

तुम्हे पहाड़ घुमाते हैं , a Hindi Kavita by Kagaj Kalam takes you to the new type of adventure which is travelling the hills by bus. Read Here: Gulzar Poetry Hindi lyrics तुम्हे पहाड़ घुमाते हैं: Hindi Kavita Watch PahadNama   अरे एडवेंचर्स के शौकीनों ट्रैकिंग, राफ्टिंग, बंजी जंपिंग जैसे महंगे नशे तो खूब किये…

Read More

पहाड़ बोला पहाड़ियों से : Hindi Kavita

पहाड़ बोला पहाड़ियों से : Hindi Kavita by Kagaj Kalam is showing the palayan of Pahad. If pahad is a living person, it definitely would have something to complain. This Hindi poem is one of them. To listen the Hindi Kavita, you can visit the PahadNama, YouTube channel or just simply click here. पहाड़ बोला…

Read More

Neend Shayari | Hindi Quotes | नींद शायरी | कविता | कोट्स |

Neend Shayari | Hindi Quotes | नींद शायरी | कविता | कोट्स | में आप नींद के बारे में कुछ कवितायें या चंद पंक्तियाँ पढ़ते हैं। नींद से हम सभी का एक अपना अपना रिश्ता होता है। यूँ तो वैज्ञानिक सही नींद के कई फायदे बतातें हैं। पर ज़िन्दगी में हर किसी के नसीब में…

Read More