Short Story: Crown of Tanker

” मेंहदी की रात”:

भारत के जिस कोने से मैं आता हूँ

वहाँ ये रात कॉक्टेल के नाम से जानी जाती है.

जहाँ गाँव, शहर और दुनिया के कोने कोने से

पियक्क्ड सगे सम्बन्धी अपने टैंकर होने का ढिंडोरा

पीटवाने दूर दूर से आते हैं”

 

ऐसे महारथियों से मिलने का सौभाग्य

पहली बार मुझे प्राप्त हुआ

यूँ कहिये गलती से फंस गया

 

यार पहली बार इसलिए क्यूंकि

रिश्तेदारों की शादी में

मेरे पिताजी भी अपना टैंकर होने का सिक्का चमकाने

की कोशिश करते रहते हैं….

 

मेरा भाई मुझे जबरदस्ती पकड़कर

छत पर लेगया..

जिन्हे नहीं पता उन्हें बता दूँ,

छत वो स्थल है जहाँ पे मदिरा पान जैसा गुप्त काम किया जाता है ..

 

गुप्त काम बस इसलिए कि

” सब मर्दों को लगता है कि

उन्होंने अपनी घर की महिलाओं को उल्लू बना लिया है

और इस झूटी आस में सालों साल खुश रहते हैं.”

 

चलो मुद्दे पे आते हैं:

जैसे मैं छत पे गया,

तो वहां मेरे पिताजी पहले से ही मौजूद थे .

 

अब आपको मैं ये बता दूँ 

मैं और मेरे पिताजी उम्र की उस देहलीज़ पे हैं

जहाँ हम एक दूसरे को ऐसे कई अवसरों पे

कनखियों से देखकर भी नज़र अंदाज़ कर देते हैं,

 

पर इस समय मेरी जगह मेरे पिताजी ने रणभूमि से मुँह मोड़ लिया.

बिन कहे जैसे मुझे इस जिम्मेदारी में ” विजय भव ” कहके चले गए हों

पर मुझे नहीं लड़ना, नहीं जितना ये खेल और युद्ध, मुझे तो मज़े लेने हैं.

 

अनजान लोगों की महफ़िल में बैठा

मैं बहुत असहज महसूस कर रहा था.

मेरा चचेरा भाई भी वहां नहीं था

सब बातें कर रहे हैं ईरान तुरान की ,

और मैं अंतर्मुखी ( इंट्रोवर्ट ) धर्म का पालन करते हुए

किसी से कुछ नहीं बोल रहा था.

 

महफ़िल शुरू हुई:

चार पेग डाउन होने तक मेरी उन लोगो से काफी अच्छी जान पहचान हो गयी

मैं अब सहज महसूस करने लगा था ,

तब तक मेरे भाई ने छत पे मुझे देख लिया,

मुझे हाथ से पकड़ कर उठाया कि आपसे कुछ काम है ,

कोने पे ले जाकर बोलने लगा कि कहाँ बैठे हो

ये लोग बदनाम टैंकर है इनके साथ कोई भी मेल नहीं बना पता

और आप जैसे अपरिपक्व (amateur) तो बिल्कुल नहीं .

पी तो नहीं अभी आपने

मैंने कहा: नहीं शुरू करने वाले थे

 

उसने मुझे कम पियाकड़ लोगों के साथ बैठा दिया

दिल्ली और देहरादून वाले लड़कों के साथ .

 

दो पेग डाउन करने के बाद,
( तब तक मेरा काउंट 6 हो चूका था) ग्रुप में बातें शुरू 

दिल्ली वाले:  Dude, हम दिल्ली वाले बैठ जाते हैं

तो जब तक तीन चार बोतले ख़त्म न करदे

तब तक उठते नहीं ,

देहरादून वाले: ओह भयंकर, हम भी पीछे नहीं हटते

” यार अपने साथ एक दिक्क्त है जब चढ़ती है तो या तो इंग्लिश में सोचता हूँ या पहाड़ी में ” 

( Soon I realized that it is not a game. It is a serious war over the “crown of tanker”. Now they are curious to know about me now. After eight pegs down, I was prepared to give my intro.

” If you are an introvert, you can understand my condition.”

I told them all about my journey from

uttarkashi, rawayien, dehradun, bhimtal, bhuwneshwar, vadodra, delhi, noida, to gurgaon.

And I also told I don’t drink much.

” Though I was not taking part in the crown race, their attitude has totally refused me to accept even as a participant” )

 

मैं लघुशंका (Toilet)के लिए उठा  और जब वापस आया तो

किसी और ग्रुप क साथ बैठ गया.

इससे पहले वाला ग्रुप पता नहीं किधर खो गया.

चार पेग उनके साथ डाउन होने के बाद उनसे भी घुल मिल गया

फिर कुछ साफ़ सा याद नहीं बस डांस किया और सो गया.

सुबह उठा, फ्रेश था

अब कई लड़के पहचान रहे हैं

जिन्हे मैं नहीं पहचानता तक नहीं .

 

कहने लगे: आपने कल हमारे साथ पी थी.

टेंट वाले तक पहचानने लगे है.

पिताजी की आँखों में

अपने लिए अलग सी इज़्ज़त देख रहा हूँ

मेरा चचेरा भाई अब गर्व से मुझे अपने दोस्तों से मिलवा रहा है

 

पर कुछ रिश्तेदारों और लड़कों की नज़रों में ईर्ष्या साफ़- साफ़ देख सकता था

जैसे मैंने कुछ छीन लिया हो उनसे.

ढंग से कुछ समझ नहीं पा रहा था

तभी उनमे से कुछ लोग कहने लगे कल दिन नहीं था,

कोई कह रहा था:  मैं खाना पहले खा लिया शायद इस वजह से.

 

अगर आप जाकिर खान के फैंस हो तो

आपको ये बता दूँ कि

केवल कपड़ों और आई फोन्स से ही इज़्ज़त नहीं मिलती

महखानों की शोभा बनने से ज्यादा इज़्ज़तें मिलनी शुरू होती हैं.

 

तो भाई सुनलो टैंकर क्राउन मैंने जीत लिया है बिना कोई उटपटांग हरकत किये हुए. Yuu Hoooo…

 

” मेरी इस सफलता के पीछे

कड़ी मेहनत माँ बाप का आशीर्वाद या भगवान् की कृपा नहीं

बल्कि अच्छा चखना, ठंडी हवा,धीरे धीरे पीना,इतियादी ट्रिक्स है.

 

“””” अगर आप भी मेरी तरह ये क्राउन हासिल करना चाहते हैं

तो फॉलो करें मुझे हर सोशल मीडिया पे

Kagaj kalam के नाम से आपका अपना

अभी – अभी बदनाम हुआ,

टैंकर क्राउन का विजेता “”””

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