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School Ki Skills | Hindi Story |

School Ki Skills is a Hindi story by Kagaj Kalam that most of people resonant with, somehow.

PahadNama

School Ki Skills

स्कूल: शिक्षा का मंदिर या स्किल्स सीखने का अड्डा। पर अपने लिए तो ये नाम लेते ही शुरू हो जाता है Nostalgia का सफर और हम पहुँच जाते हैं पुरानी यादों में। जहाँ स्किल्स के नाम पे हैं अजीब रूल्स , आज़ाद ख़याल , ढेर साड़ी गप्पे और बकैतियाँ।

गुरूजी हम आप से कहना चाहते हैं कि कक्षा को सुधारने की आस में अगर आप कक्षा के सबसे शैतान बच्चे को Class Monitor बनाओगे तो पछताओगे नहीं तो और क्या करोगे ?

मेरे नेतृत्व में कक्षा के सहपाठी “वानर सेना”, स्कूल “लंका “, और कक्षा “अशोक वाटिका” हो गई और अपने गुरुजन प्रियों को सर से हाथ हटाने और चैन से सांस लेने का कोई मौका नहीं दिया।

इसीलिए कोई भी काम जैसे क्लास को चुप कराना, शैतानी करने वाले बच्चों का नाम देना , कक्षा में चॉक और डस्टर, फर्नीचर की व्यवस्था देखना ,  ऐसी और काफी चीज़ें जो क्लास मॉनिटर की जॉब डिस्क्रिप्शन में होती हैं, अधूरी ही रह गई।

ऐसा नहीं था कि मेरा मन नहीं था अपने टीचर की नज़रों में अच्छा और रेस्पोंसिबल बनने का पर अपनी वानर सेना की मासूम Creativity देख के मैं मंत्रमुग्ध होकर उन्हें ज्वाइन कर लेता था।

My Learning

उन्ही से मैंने सीखा : बिना ब्लैक बोर्ड पे लिखे चाक कैसे ख़त्म की जाए, चाक में कैल्शियम भी होता है थोड़ा चक्खके देखा जाए , कर्ण और अर्जुन की तरह अचूक निशाना “चाक ” से कैसे साधा जाए, डेस्क में प्रकार घोंपकर कैसे कैलीग्राफी की जाए, नए डस्टर का फॉम निकालकर स्याही सोख्ता कैसे बनाया जाए, टीचर के पढ़ाते- पढ़ाते टिफ़िन कैसे खाया जाये, लड़कियों के बालों में च्विंगम खाके न चिपकाया जाए क्यूंकि वो गंजी बिल्कुल अच्छी नहीं लगेगी और जो तुड़ान आपकी घर और टीचर से मिलेगी वो हफ़्तों तक याद रहेगी, और पूरी स्कूल टाइम तक उससे नज़रें मिलाने की हिम्मत नहीं रहेगी । ऐसी न जाने क्या – क्या स्किल्स सीखने को मिली हैं।

Take Away:

वैसे तो Class Monitor की एक भी Job responsibilities नहीं निभाई। पर एक आदत बन गई नए पीरियड के टीचर के आने से पहले ब्लैक बोर्ड अच्छी तरीके से साफ़ करना ताकि अध्यापक जो लिखें साफ़ – साफ़ दीखे। पर कभी भी अच्छे से साफ़ नहीं कर पाया। कुछ न कुछ रह ही जाता था।

ये आदत आज भी बरक़रार है अब तक सीखी हुयी चीज़ों को मिटाऊं ताकि कुछ नए सीखने की जगह बची रहे पर हमेशा इसमें भी कामयाब रहूं ऐसा कम ही होता है।

 

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