Jagat Bhaiya: A Rakshabandhan Story

Jagat Bhaiya A Rakshabandhan story

जगत भैया: ” रक्षाबंधन: भाई- बहिन का त्यौहार।” ये तो अब पता लगा पर कक्षा 8 तक तो किसी अत्याचार से कम नहीं लगता था। आजकल तो बच्चे कितने Excited होके रक्षाबंधन का इंतज़ार करते है। और मैं 1 हफ्ते पहले से ही पूजा- प्रार्थना शुरू करदेता था। क्यों ? तो सुनो। पहले तो हिंदी …

Environment Day In 2020

टिड्डियों के हमले नये नहीं न जाने क्यों जाने पहचाने लगते हैं।   जिस जगह से उड़ते हैं पूरी की पूरी हरियाली चटकर जातें हैं। जिस तरह से जंगल के जंगल सारे के सारे कट जाते हैं।   टिड्डियों के हमले नये नहीं न जाने क्यों जाने पहचाने लगते हैं।   न मिली हरियाली तो …

Lock Down: मैं नहीं जानता मैं नहीं मानता

मैं नहीं जानता मैं नहीं मानता- A story of our ignorance

मैं नहीं जानता मैं नहीं मानता line:  शायर हबीब जालिब All News: Hindustan Hindi news paper. The Story is about our complete negligence toward the nature. In the mean time of lock down,  when nature is trying to bounce back, it is still out of our notice how beautiful and perfect it is with or …

Locked Down: A Random Day

A Random Story

हालाँकि वर्क फ्रॉम होम मिला हुआ है । काम भी कर रहा हूँ । Even with Better Efficiency  पर दिमाग खुरापाती ढूंढ रहा है । क्या करूँ समझ में नहीं आ रहा है ।   हाथ – मुँह धोके जैसे मैं शीशे के सामने गया मेरे प्रतिबिम्भ (अरे वो ओनिडा वाला याद है ) के …

Cat: Love Means You

love for cat

चोर नहीं वो चोरी उसके शब्दकोष में नहीं, जानवर है मेरी बिल्ली,  इंसानो की फितरत में अभी रमी नहीं, मेरी गैर मौजूदगी में भी दूध में पतीले पे वो मुँह तक मारती नहीं, चोर चोर कहते हो तुम शायद चोर तुमने अभी देखे नहीं, विश्वास पे घात लगाए रहते हैं शुक्र करो तुम उनसे अभी …

Coronasur

coronasur

रोजाना की तरह अपने ऑफिस के बाहर चाय सुट्टा मारने पहुंचा तो देखता हूँ कोई नहीं सब खाली एक दम खाली ..   सिगरेट जलाते हुए पूछा:    क्या बात अंकल कोई आया नहीं अंकल चाय देते हुए : कोरोना बेटा कोरोना… बात शुरू ही हुयी थी की गिलास से धुँवा उठा और कुछ जिन्न …

Woman: Beyond Definition

Woman Day -Her Quest For Identity

कौन  हूँ  मैं ? दुर्गा, काली, सीता का अभिमान मैं, या किसी के पैर की जुती का स्थान मैं।   कौन  हूँ  मैं ? कवि की रचना का फूल मैं, या पैदा होने से पहले कुचली,  वो कली मैं।   कौन  हूँ  मैं ? चाँद जिस खूबसूरती से जले वो जलन मैं, या चाँद जैसा …