Hindi Poems/Mountain quotes/ पहाड़ quotes

Poems on nature are a rhythmic way to appreciate the nature surrounding you. If you are a real fan of nature, you can write Hindi Poems whether it is a mosquito season, severe cold, or any other extreme weather. For the poem on environment you have to be the true lover of nature. 

A poem on nature is usually your observation on small things happening around us. These short hindi poems are your stoppage which makes you stop and think for a while in this fast paced life. It will allow you to give another perspective to see animals, plants, trees, rivers, and other parts of nature in a beautiful way. 

 

Getting Stoned By Cheap Adventure: सस्ते एडवेंचर का नशा

You must have read, listened, or written, Hindi Poems on the beauty of mountains. You find in Hindi poems the lucrative scenery, beauty, freshness of the nature. If you are thinking, this Hindi kavita would be same, you will be wrong. Here you will find a dreadful face of mountains, even can scare you so much and pull your heart out of your throat in this Hindi कविता . This is a personal experience with little bit exaggeration.

Hindi Kavitayen On Nature:

I can fill all this article with famous nature poems from our famous poets but this will be their perspective to see the world or environment. Actually, I prefer to write Hindi poems on nature instead of English. I am a writer of new age and prefer to reach my views even to a lay man, so you will find it the simple poems on nature without giving pressure on your brain to find out heavy words. So, let’s start the journey to see nature from my sight with  प्रकृति पर कविता now. 

beautiful

टेढ़ी – मेढ़ी सड़क के किसी मोड़ पर ,

गाडी से बाहर निकलकर,

दोनों हाथ फैलाकर , आँखें बंदकर,

लम्बी साँस लेकर जो मुस्कुराके कहती हो

WOW SO ” CALM” SO “BEAUTIFUL”

वो पहाड़ों की शान्त- खूबसूरती जी है मैंने।

Note: It is kind of impossible to come out of from the mesmerizing beauty of nature, even we are just seeing it through the words. Puzzling the mind has the same captivity. Click Here If you are looking for kid’s puzzles.

Kavitayein In Hindi:

Pahad or Mountains are lively things for nature lovers. We can dedicate a complete book or more on it beauty. Kavitayein in Hindi are our method to express our pure relationship with mountains.

Hindi Poems on Real Beauty
Hindi Poems on Real Beauty

 

खूबसूरती इन  पहाड़ों की कुछ ऐसी

जिसे खुली आँखों से छूना और

बंद आँखों से महसूस करना चाहे ये ज़माना।

 

Hindi Poems on Beauty

 

जानकर कि शौक है पाला मैंने लिखने का ,

वो अपनी खूबसूरती पर

कुछ लिखवाने की जिद पकड़ बैठे ।

 

मैंने कहा: 

“आँखें जैसी नैनीताल की झील,

कमर जैसे पहाड़ी संकरे रास्ते,

जुल्फें जैसे फूलों की घाटी की खुसबूदार हवाएँ।”

 

बस बस बहुत हुआ उत्तराखंड दर्शन कहकर

वो अब रूठकर बैठीं हैं।

 

कोई रूठने की वजह पूछता है

तो बताता हूँ।

 

” कुछ यूँ बयाँ की ख़ूबसूरती अपने महबूब की,

कि उसे मैंने पहाड़ और पहाड़ को अपना महबूब कर दिया “

Mountain Quotes / Hindi Poems:

Hindi Poems on Nature
Hindi Poems on Nature

1: ” कहती हैं ये नदियां वापस चल अपने पहाड़,

इन शहरों में तो हम भी नालों से ज्यादा कुछ भी नहीं । “

 

 

These nature poems for kids are so inspiring, and you must tell the your children to read it. I am sure these are one of the best method to know our environment.

2: ” कोई तो बताओ, इन पहाड़ों के टेड़े – मेढे रास्तों में चलकर भी
ये पहाड़ी इतना सीधा – साधा कैसे बना रह सकता है । “

 

This prakriti par kavita shows that you are privilege that you are living at such a beautiful place which makes you up above the world.

3: ” वो ख्वाब देखते हैं, उछल के बादलों को छूने की
और मैं सोचता हूँ बादलों को ठोककर से उड़ाने की

अरे सदमे से क्या देख रहे हो मुझे,

पहाड़ी हूँ और मेरे पहाड़ की सड़क तो बादलों से ही होकर जाती है “

 

Sometimes it is not about beauty but we can say about the beauty of heart of natives rather than poem about nature beauty.

4: ” पता लगा कि मैं पहाड़ी हूँ तो वो पत्थर दिल भी मोम हो गए
लगता है हमारे,
पत्थरों के घर में रहने की खबर कुछ ज्यादा ही महशूर है । “

 

This hindi kavita on nature shows the easiness of pahadi guys although they look tough.

 

Hindi Poems on Pahad
Hindi Poems on Pahad

5:” जितने जटिल ये पहाड़
उतने ही सरल हम पहाड़ी । “

 

These poems in hindi on nature are one of the best representation of life.

Hindi Poems on Mountain
Hindi Poems on Mountain

6: “जिंदगी के रास्ते बड़े टेड़े- मेढे हैं 
अरे वाह मेरे पहाड़

जिंदगी से कितना मिलते- जुलते हैं । “

 

7: ” अजीब कश्मकश में है जिंदगी मेरी
जहाँ रहता हूँ, वहां रहने का मन नहीं
जहाँ रहना चाहता हूँ वहां रहने कि कोई वजह नहीं । “

 

The nature poem in hindi make you feel the most near of yours when you welcome nature with open arms.

8: “जितने दूर मैं इन वादियों में निकल आता हूँ,

उतने ही  पास मैं खुद के आजाता हूँ।”

 

If you want to see the sun poem in hindi, you can click here

Hindi Poems On Mountain:

This Hindi poem on natures my imagination that mountain is doing conversation with its natives and try to express its emotion but at the same time, in this short poem on nature, mountain is accepting the fact that it is a nature of everyone who wants to live progressively. But this poem on nature in Hindi shows the greatness of mountain and also shows how mean human begins are.

 

 

” पहाड़ बोला पहाड़ियों से 

बेटा सीधा हूँ सख्त हूँ, तभी तो अपनों से विरक्त हूँ। 

कुछ जा चुके छोड़के, तुम भी चले जाना मुँह मोड़के। 

 

हो सके तो मेरा सीधापन यहीं छोड़ देना 

पर इन टेढ़े- मेढे रास्तों से जरूर कुछ सीख लेना। 

बेच खायेगी ये दुनिया बड़ी चालाक है, 

हमेशा रहती इसे लाटों की तलाश है। 

 

बुरे नहीं वो बस हालात से मजबूर हैं 

अपना घर छोड़के,

कुछ कर गुजरने  की खुमारी उनमें भी शूमार है। 

 

माना गरीब हूँ 

खाने के लिए पीजा -बर्गर, कमाने के लिए नौकरी,

आने जाने  के लिए सुगम रास्ते, 

पढ़ने के लिए हाई- फाई सकूल नहीं दे सकता तो क्या। 

 

कभी जो टेन्शन सताये,

साँस लेने में दिक्क्त आये या खुद को ढूंढ़ने को जी मचलाये 

तो चले आना, बस तुम वापस चले आना। 

 

पर हाँ वो शहर का टेढ़ापन, इन टेढ़े – मेढे रास्तों में ही छोड़ आना 

मुझे बस यूँ ही सीधा और सख्त बने रहने देना। “

 

Nature is not restricted to mountains, sun, river, but it also covers the fog, pollution, and many other what I have tried to experience in short poems about nature. Click Here to Know.

Hindi Poems on Ghar

This poem has 5 lessons. 1st lesson shows my present status, 2nd shows about my Home and the meaning of Home for me, 3rd shows 360 degree change of my home the unrecognizable change, 4th asking the questions for these drastically unwanted changes, 5th one shows Stupidity,we are compelled to commit.

Lesson 1: Present Me

आंखें सुर्ख, नींद अधूरी जैसे किसी सपने का क़त्ल करके आया हो,

चेहरे पे तल्खियों की सलवटें, बातों में वो चिड़चिड़ापन जैसे खुशियों का गला दबाके आया हो,

पर टीकेँ हैं,

एक दिन घर जाने के ख्वाहिश लिए जिंदगी की कश्मकश में मजबूती से टीकेँ हैं,

 

Lesson 2: मेरा घर: 

बंज़र पड़ी मेरी जिंदगी में मुस्कराहट की बून्द है: मेरा घर,

चुराई हुई ककड़ी के ऊपर सिलवटे में पीसे लोणा की याद है: मेरा घर,

पेड़ों में महकते सेब और बुरांश की खुशबू है: मेरा घर,

खटाई से बाल मिटाई का स्वाद है : मेरा घर,

सर्दियों में बर्फ की रजाई सी ओढ़ता है: मेरा घर,

वही तो शांत और खूबशूरत पहाड़ है :मेरा घर।

Lesson 3: कायाकल्प : Where is My Home?

पर अब घर है कहाँ ?

ये रास्ते तो परिंदे तक पहचानते नहीं,

इस जगह अब मेरी यादें बसती नहीं ।

फिर से कहीं मैं बेघर तो नहीं ।

Lesson 4: कायाकल्प : 

अरे क्यों जरुरी है सड़क के लिए पेड़ों को काटना,

क्यों जरुरी है शहर में इमारत के लिए अपने ही यादों के घर को तोडना,

क्यों जरुरी है, गांव का खुला आसमान छोड़ शहरों की बंद गलियों की खाख छानना,

क्यों जरुरी है पहाड़ों की याद लिए यहाँ घुट- घुट के मरना।

Lesson 5: नासमझ: 

एक शख्स का अक्स मरा है यहाँ अभी,

फिर भी मेरे पहाड़ से लोग चले आरहे है

ये कहकर कि

“कमाता बहुत है “

 

 

How much we enjoy the nature that much we are up to destroy it without knowing the consequences. Here you can find our evil face on mother earth. Click Here to find a poem on the Hills on fire.

Comments 1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *