Motivational Quotes In Hindi

Motivational Quotes In Hindi is a collection of various quotes that only motto is to inspire you at any path of your life. without motivation, humans are nothing more than a couch potato who accept his failure without giving it an another try. In this post, we will help you to get most effective motivational quotes in Hindi that will take you on the fire always to get your best version without deviating from your aim.

Motivational Quotes In Hindi

Stay instigated and motivated to get the things. Luck may not be always your side but defeating it always complacent.

” राही, सफर की तू, बस इबादत कर

मंज़िल की जगह कहीं खुदा मिल जाए । “

 

 

” मेरी हैसियत पूछकर मुझे मत खींच,

 मैं  तेरी  स्वेटर का वो धागा हूँ,

जिसे खींचते ही

तुझे तेरी औकात पता लग जायेगी । “

 

 

” न रच सके वो चक्रव्यु तो षड्यंत्र वो रचने लगे 

मुझे हराने के लिए मेरे दुश्मन, अपनी जीत कर को भुलाने लगे। “

 

” रख ऊँची उड़ानें और नीची निगाहें परिन्दे 

कि कोई शिकारी घात लगाये बैठा है। “

 

Motivational Poems In Hindi

You will find here various motivational poems in Hindi if you visit motivational Hindi category. Here are some of the my favorites.

Abhimanyu: The footprint Maker

खेल आज षड़यंत्र, नीयति ने कुछ ऐसा कर डाला।

अर्जुन को दूर भेज Chakravyu (चक्रवयूह) ही रच डाला।

उतारना सही होगा

Chakravyu (चक्रवयूह) में रथ,

जीतेंगे क्या ? कभी गए नहीं जिस पथ।

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Avengers:  Endgame

We all must have seen the movie Avengers: endgame. I wrote it when it was about to release and tried to give it an Indian flavor. it is one of the best motivational poems in Hindi I have.

ऐ काल तेरा काल दिखाने महाकाल आरहे हैं,

अपनी औकात भूलकर , तुझे धुल चटाने इसी साल आ रहे हैं।

डरा था मैं THANOS देखकर तेरी काया,

तेरी चुटकी बजाने पर जब अजीब सा सन्नाटा छाया।

सूरज को निगला, जब भयानक अँधेरा बनकर राहु का साया

आधे जग ने जब रोते – बिलखते अपनों को खोया।

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Hindi Motivational Quotes:

What can be better than starting 2021 with Hindi motivational quotes. here is one of the best Hindi Motivational Quotes for you.

अभी तो उदय हुआ हूँ,

तपिस पानी अभी बाकी है

जूझती लौ का आलोक हूँ।

दीया बनना अभी बाकी है।

जो सूरज को भी रौशनी दिखाए

वो हिमाक्त करनी अभी बाकी है।

 

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Motivational Quotes In Hindi By Swami Vivekananda:

 

आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नहीं।

अगर तुम सोचते हो कि

तुम्हे कोई पड़ा सकता है या कोई आध्यात्मिक बना सकता है ,

तो तुम सिर्फ समय बर्बाद कर रहे हो।

 

उठो, जागो और लक्ष्य तक

पहुंचे बिना रुको मत ।

 

सत्य केवल सत्य होता है

चाहे हज़ारों तरीके से बताया जाये।

 

बाहरी स्वभाव केवल

अंदुरुनी स्वभाव का एक बड़ा प्रतिबिम्भ है।

 

संसार का सबसे बड़ा पाप है ,

खुद को कमजोर समझना।

 

यदि स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढ़ाया

और अभ्यास कराया गया होता,

तो मुझे यकीन है कि

बुराइयों और दुःख का

एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता।

 

 

 दूसरों के ऊपर निर्भर रहना बुद्धिमानी नहीं हैं।

बुद्धिमान् व्यक्ति

अपने ही पैरों पर दृढता पूर्वक खड़ा होकर कार्य करता है ।

Motivational Hindi Poems By Harivansh Rai Bachchan:

Without the motivational Hindi poems by Harivansh Rai Bachchan, all the motivations quotes in Hindi are incomplete. Here are some of the poems drafted by him.

1:

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है

मन का विश्वास रगों में साहस भरता है
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है

आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है

मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में

मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो

2:

जो बीत गई सो बात गई

जीवन में एक सितारा था
माना वह बेहद प्यारा था
वह डूब गया तो डूब गया

अम्बर के आनन को देखो
कितने इसके तारे टूटे
कितने इसके प्यारे छूटे

जो छूट गए फिर कहाँ मिले
पर बोलो टूटे तारों पर
कब अम्बर शोक मनाता है

जो बीत गई सो बात गई

जीवन में वह था एक कुसुम
थे उसपर नित्य निछावर तुम
वह सूख गया तो सूख गया

मधुवन की छाती को देखो
सूखी कितनी इसकी कलियाँ
मुर्झाई कितनी वल्लरियाँ
जो मुर्झाई फिर कहाँ खिली

पर बोलो सूखे फूलों पर
कब मधुवन शोर मचाता है

जो बीत गई सो बात गई

जीवन में मधु का प्याला था
तुमने तन मन दे डाला था
वह टूट गया तो टूट गया

मदिरालय का आँगन देखो
कितने प्याले हिल जाते हैं
गिर मिट्टी में मिल जाते हैं
जो गिरते हैं कब उठतें हैं

पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है

जो बीत गई सो बात गई

मृदु मिटटी के हैं बने हुए
मधु घट फूटा ही करते हैं
लघु जीवन लेकर आए हैं
प्याले टूटा ही करते हैं

फिर भी मदिरालय के अन्दर
मधु के घट हैं मधु प्याले हैं
जो मादकता के मारे हैं
वे मधु लूटा ही करते हैं

वह कच्चा पीने वाला है
जिसकी ममता घट प्यालों पर
जो सच्चे मधु से जला हुआ
कब रोता है चिल्लाता है

जो बीत गई सो बात गई

 

100 motivational quotes in Hindi: 

Here, you will get 100 motivational quotes in Hindi that help you to stay charged up for any obstacle you stumble upon.

*आज का दिन भी गया और मैं खुद को पाए बिना आज फिर लौट गया 

 

*Past जितना भी खुबसुरत हो पर आज की आँखों में चुभता जरूर है 

Future का चाहे चेहरा न हो पर आज की आँखों में बसता जरूर है

चाहे बीते कल की याद हो या आने वाले कल को सँवारने की चाह

पिसता बेचारा आज ही है

 

हद है कितनी आवारा होगयी हो तुम

मेरे ख्यालों से ख़्वाबों तक घूमने लगी हो तुम

 

मेरी बाहों में लिपट कर थोड़ा सा आराम करलो

ख्यालों से ख़्वाबों तक घूमते घूमते काफी थक गयी होगी तुम

 

 

साँसे लेना भी कोई भूलता है पर हाँ तुम्हे देखके ऐसा होता है

 

क्या गजब हुनर है लोगों का मेरे नुक्श निकालकर अपनी खामियां छिपाने का

 

 

आज सैकड़ों चाँद जमी पे …

फलक की जमी से जलन बस यूँ ही नहीं …

ज्वार भाटा का डर है जज्बातों का समन्दर संभालता नहीं…

जज्बातों पे हाँ लगाम चाहिए…

अपने फलक पे एक चाँद चाहिए…

अब लहरों की इस उथल पुथल को एक शान्त समन्दर चाहिए ….

जितने बड़े पत्थर उसकी राहों में
उतनी ऊँची उछाल इन लहरों की

नज़रे तो केवल गड़ी हैं उछाल पे

पत्थर से टकराना किसी को दिखता नहीं

फुर्सत अगर मिले तो पूछ लेना यहाँ दर्द बहुत हैं इन लहरों के भी

 

ये ज़ज़्बातों ये उम्मीदों ये ख़्वाहिशों की लहरें

कब तक उठकर गिरती रहेंगी ये नयी चाहतों की लहरें

अब इन लहरों की इस उथल पुथल को एक शान्त समन्दर चाहिए

 

कभी कभी हारने के लिए खेल लेता हूँ

अपनों से हारकर रिश्तों को जीत लेता हूँ.

 

अब किसी की आँखों में मुझे नहीं खोना

कि बड़ी मुश्किल से खुद को ढूंढ पाया हूँ

ये वायदा हर बार प्यार में पड़ने के बाद करता हूँ

 

लगता है मेहनत करना सीख़ रहा हूँ मैं

कि अब नींद अच्छी आने लगी है

 

अब हममें किसी और को ढूंढा जाता है

कोई खास है  शायद जो हर जिक्र में नज़र आता है

 

 

” कलम जो पड़ी उसकी, कागज़ में
तो पैगाम जगह-जगह गिरने लगे
पैगाम की जगह कागज बटोर हमने
गीता, कुरान, बाइबिल जैसी न जाने कितनी
मजहबी किताबें पिरो डाली । “

 

 

” उठा दी जो कलम,

तो कागज ही कागज बिछा देंगे
फिर बुन लेना अपना इतिहास

या मजहब कोई नया बना लेना । “

 

 

” डर बहुत लगता है बिकी हुई कलम से मुझे
न जाने किस झूठ को कागज में उतार
दिमाग में छपा दिया हो । “

 

 

 

 

” अपनी कलम से कागज में उतरे अपने विचारों में

जब स्वस्थता और शुद्धता पता हूँ

तो जिंदगी ईमानदारी से जीने का हौसला और बुलंद पता हूँ । “

 

 

” पिंजरे के अंदर का फड़फड़ाता पंछी मैं,

लोग मेरी आज़ाद होने की जुस्तजू को ,

मेरी अदा समझ बैठे हैं । “

 

 

” गुमशुदा हैं लोग यहाँ पर,
खुद के अलावा इन्हें यहाँ कोई और ढूंढ़ता नहीं,
खुद की तलाश में निकलते हैं हर रोज़
पर अपना अक्स तक इन्हें मिलता नहीं । “

 

 

” इश्क़ का रोग होता ही, ऐसा है जनाब

बर्बाद होने की आयतें, हम रोज़ पढ़ा करते हैं । “

 

 

” ख्वाहिश पेंटर, बनने की अधूरी रह गयी शायद,

इसीलिए हर चीज़ पर मज़हबी रंग चढ़ाते हैं । “

 

 

” प्यार में घोटाले होते हैं साहब, वरना

माँ की “ममता से सख्ती” और “बाप के प्यार के लिए शब्द” 

गायब नहीं होते । “

 

 

” ख़ूबसूरती के चर्चे हमारे आम हैं और क्यों न हो

पहनके जो निकले हम अपने विचार हैं । “

 

 

” ये कलम दो धारी तलवार है 

किसी एक तरफ झुकी तो दूसरी तरफ कत्ले आम हैं 

नादान है वो जो समझते हैं, कलम सम्भालना बच्चों का काम है। “

 

 

 

” मंज़िल से मेरा एक तरफ़ा इश्क़ मशहूर है 

मैं तो इसकी तरफ कदम बढ़ाता रहा हूँ,

ये ही मेरी मेहनत से वाक़िफ़ नहीं। “

 

” शायद मंज़िल मुझे ही अपना प्रतियोगी समझ बैठी हैं 

जितने पास मैं जाता हूँ, उतनी दूर ये दौड़ लगाती है। “

 

” वो मंज़िल की ओर कदम दर कदम बढ़ाते जा रहे हैं 

और एक हम हैं की चौराहे पे खड़े होके सोचते हैं

कि किस ओर जाना है और पहुँचना कहाँ है।”

 

 

” जो गुजरा उनकी गली से मैं भेष बदलकर

क्या गज़ब हुनर मेरे महबूब का पता चला ” पड्यंत्र बनाने में “। “

 

” कभी- कभी गाडी से बाहर झाँककर, 

डूबते सूरज को पीछे- पीछे दौड़ते हुये देखकर सोचता हूँ। 

 कि रूककर पूछ ही लूँ : 

मैं क्या पीछे छोड़ आया हूँ जो लौटने आ रहे हो। “

 

” लोगों को देखकर मैं अक्सर सोचा करता हूँ 

कि क्या गलती की होगी इन्होने जो हमेशा सिर झुकाये रहते हैं।

ओह   —————————    मोबाइल फोन्स “

 

“”””    शायद “मोबाइल फोन्स” इंसानों की सबसे बड़ी गलती है ,

यों ही नहीं हर कोई सर झुकाये रहता है। “”””

 

“” जिस्म पे न घाव मिले, न लिबास में मेरे,  लहू का कतरे  

बेहद करीबी था कोई, जो इतनी सलीके से मैं क़त्ल हुआ।  “”

 

“” निकल तो पड़ा हूँ अकेले, गलतियों की इन अनजान गलियों में 

नाकामियाबियों  का कारवाँ अभी पीछे चलना बाकी है 

ये जिन्दगी बीरबल की खिचड़ी है जनाब इसे चखना अभी बाकी है “”

 

( जंक फ़ूड ): “”” मँहगाई का आलम तो देखो इस खाने  की 

कीमत शरीर को चुकानी पड़ती है। “””

 

“”अभी तो उदय हुआ हूँ, तपिश पानी अभी बाकी है 

अब ज़िद्द है कुछ यूं हमारी कि सूरज को दीया दिखाना अभी बाकी है “”

 

“” लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं 

कि तेरा जवाब “पता नहीं ” क्यों होता है 

और तू इतना मुस्कुराता क्यों है 

मैं मुस्कुराकर कहता हूँ “पता नहीं ” “”

 

 

“” बन्दिसे और रीति – रिवाज़ों की बेड़ियाँ तोड़कर

उड़ने लगी थी पापा की परियाँ। 

कुछ साधिशें  फिर से इस ज़माने ने कर डाली 

चाउमीन और मोमोस की फैक्टरियाँ गली -मौहल्लों में बिछा डाली। 

 

तो अब —————   तो अब ——————–

 

तो अब क्या पापा की परी वो मोटी होगई फिर उड़ न सकी वो पापा की परी। “”

 

 

“” ताना छिपाके बातों की मिठाई  में कुछ ऐसा मारा 

कि  कड़वाहट निगलना अब आसान होगया। “”

 

 

नज़रबन्द हूँ अपने ही घर में कि बाहर हवाओं ने पहरे बैठाये हुए हैं

गुनाहों में शुमार गुनाह है मेरा जो साँस लेने को साफ़ हवा की आस लगाये बैठे हैं

 

मिलन की दुआ कैसे माँगू उस टूटते तारे से

जो खुद अपने आसमान से बिछड़ा है

 

 

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