Koi Chahiye: Hindi Poem

Koi Chahiye: Hindi Poem is a writer’s perspective that he is looking something in his partner. All these are simple and small expectations rather than some wild ones.  You can relate to it as you must have been thinking so. It is my effort to manage between my love to pahad and partner. If she enjoys little things in her life. We can have better life together. It is as simple as that. To enjoy the video Visit PahadNama.

 

Koi Chahiye: Hindi Poem

In one of the Hindi poems, this kavita is what the writer is looking in his partner.

जहाँ मैगी के दीवानों को

हर चीज़ दो मिनट में चाहिए,

उस जनरेशन में मुझे,

इंतज़ार का मज़ा

समझने वाला कोई चाहिए।

 

फ़ास्ट फॉरवर्ड सोशल मीडिया नहीं

महकते खत्तों वाला old fashioned इजहार चाहिए।

 

long-drive नहीं,

पहाड़ों में दूर पैदल निकल जाए

ऐसा हाथों में हाथ चाहिए।

 

विंडोज का वर्चुअल वर्ल्ड नहीं,

खिड़की से बाहर की असल दुनिया घूमे

ऐसा कोई साथ चाहिए।

 

मोबाइल नहीं,

मेरी आँखों में डूबी रहे

ऐसी आँखें चाहिए।

 

आर्टिफीसियल फ्लेवर्ड नहीं,

सिलवटे में पिस्से लुण,

के चटपटे स्वाद जैसा रिलेशन चाहिए।

 

बाबू सोना नहीं,

एजी ओजी वाला नखरा चाहिए।

 

टूटकर बिखरते रिश्तों के इस ज़माने में ,

टूट कर मोहोबत करने वाला कोई चाहिए।

 

ऐसा कोई चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *