HOLI: FESTIVAL OF COLOURS

Holi is a festival of Colour, celebrated in India. We are now celebrating Holi 2021, the new age Holi. But do we really think essence of the color festival is intact. 

What is today in India? If you are an Indian, we need not to tell you that. “Kyunki Bura n maano Holi Hai”  we have this slogans for celebrations. We are not going to the history of the celebration because why to lessen the present while thinking of the past. There are many versions of होली गीत as India is a diverse country and everybody has their own way to celebrate the Holi. It is one of the festivals of India, which symbolizes brotherhood among religions, caste, and gender. 

Which one is your best Holi? The childhood, adulthood, after marriage, or Old one. Actually everyone has their own taste to celebrate it as per their ages. Everyone has his own holi poem to celebrate this mesmerizing festival of India. But if you ask me, I like my childhood Holi, when we just think of celebrating it without any discrimination in mind. So, Here I present you my होली पर कविता. Please do enjoy. 

HOLI: FESTIVAL OF COLOURS

 

उठते ही सुबह मैंने, घरवालों को जगाया

कहा आज मनानी होली है।

सोते हुये ही बोले, अन्दर नहीं,

बाहर-बाहर जाकर ही  मनानी होली है

 

बाहर गया तो सब सोये थे।

सूरज भी, बंद आँखों से हलके से जग रहे थे।

मौका पाकर, उस पर मैं लाल रंग उड़ेल आया ,

कहा आज मनानी होली है।

 

नींद खुली तो, गुस्से से सूरज तमतमाया

तभी जल्दी से भोर हुई और, दिन भी चढ़ आया।

गुस्से में ही बोला, कोई न बच पायेगा

क्यूँकि आज मनानी होली है।

 

अम्बर छिपा बैठा, नीली चादर ओढे,

मैंने भी कर दी अब रंगो की बौछारे।

रंग बिरंगी चादर देख अम्बर भी मुस्काया,

धुली जो चादर, रंग तो गया,

पर जिद्दी,  सफ़ेद दाग  वँही छोड़ आया.

इन् दागों को बादल बोल, अम्बर ने मुँह फुलाया ।

कहा आज मनानी होली है।

 

हवा मैं रंग उछाल कर,

बेरंग हवा रंगीन हुई।

दिखती नहीं वैसे कभी,

आज दीखी वो इतराती और बोल रही,

अरे आज मनानी होली है।

 

पेड़ों के पत्तों को हरा कर ,

बेरंग पानी को रंगीन कर,

प्रकृति के रंगो  में रंग भर

अरे आज मनानी होली है।

 

टोपी, पगड़ी, क्रॉस के संग,

जात-पात का न कोई रंग

नीचे खड़ी मेरे यारों की टोली

अरे भेद-भावों मारो गोली,

आज मनानी होली है।

 

भगवे पर डाल हरा रंग,

और हरे को भगवा कर

नफरतों को जीभ लिकाकर,

आज मनानी होली है।

 

रंग इतना डालूँ ,

जब भूल जाओ रंग दिखाना,

तब उभरेगा असली रंग,

अब इसी रंग के संग,

हमे आज मनानी होली है।

 

बचपन को मार ,शरारत भरे गुब्बारे।

पिचकारी से उड़ेल, अनजान लोगों पर, मस्ती के फुँआरे।

 

दोस्तों पर जमाके दोस्ती का भंग,

प्यार पर चढ़ाके, वो इश्क़ वाला रंग

हमे आज मनानी होली है।

 

MNC से बोलो,शटर डाउन करें।

बहुत हो गया पिज़्ज़ा, बर्गर

अब देशी रंग  में रंगना है।

 

चारों ओर  से सुननी  केवल,

गुजिया- गुजिया की ही बोली है,

अरे हमे आज मनानी होली है।

 

9 TO 5, JOB में : भूल गए जो रंग,

वो याद दिलाना जरुरी है।

 

इंसानो के चेहरों वाली, इन् मशीनो  को,

आज भिगोना मजबूरी है।

भूले इन रंगो को याद दिलाकर आज मनानी होली है।

हमे आज मनानी होली है।

 

You may have found so many articles on holi, but these all would be in pure English, here you first time find the article on holi in hindi. There is always its own enthusiasm to celebrate the things own our desi style. So, make this your holi ka gana for this Indian festivals season.

 

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