Famous Poem In Hindi

Famous Poem In Hindi is very helpful when you needed it the most. Main agenda of the article to help you understanding the power of Hindi poems and how it impacts on life.

Famous Poem In Hindi: Gulzar

Gulzar is a complete institution of thoughtful writing.  Gulzar Hindi poems and writings will teach us different perspective of life for ages. Here are some Hindi poems by Gulzar

बोस्की,

ब्याहने का समय अब करीब आने लगा है

जिस्म से, छूट रहा है कुछ कुछ

रूह में, डूब रहा है कुछ कुछ

कुछ, उदासी है,सुकूं भी

सुबह का वक्त है, पौ फटने का,

या झुटपुटा शाम का है

मालूम नहीं

यूँ भी लगता है कि

जो मोड़ भी अब आएगा

वो किसी और तरफ़

मुड़ के चली जाएगी,

उगते हुए सूरज की तरफ़
और मैं सीधा ही

कुछ दूर अकेला जा कर
शाम के दूसरे

सूरज में समा जाऊँगा !

This is one of the Gulzar poems in Hindi from the book रात पश्मीने की . I just lost in the depth of the book written in simple words but compels to dive deep in it.

नाराज़ है

मुझसे बोस्की शायद

जिस्म का

एक अंग चुप चुप सा है

सूजे से लगते है पांव

सोच में

एक भंवर की आँख है
घूम घूम कर देख रही है

बोस्की,

सूरज का टुकड़ा है
मेरे खून में

रात और दिन घुलता रहता है

वह क्या जाने,

जब वो रूठे
मेरी रगों में

खून की गर्दिश

मद्धम पड़ने लगती है.

The second part of बोस्की one of the Gulzar Hindi poems. You can understand a father’s feelings when his daughter leaves after wedding.

 

 

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