Chai Peene Ke Bahane Se: A Hindi Poem

“Chai Peene Ke Bahane Se” is another Hindi poem from PadadNama that says: You may fall in love or make the relationship deeper as you with your partner go somewhere in the mountains unplanned. The reason may be small or seems stupid but never shy away to commit the stupidity that can bring you closer. Watch the video here. 

Chai Peene Ke Bahane Se:

चाय पीने के बहाने से,
जब जा पहुंचे इन पहाड़ों में,
खो चले इन नज़ारों में,
दूर होती सबकी निगाहों से
होके सवार हम स्कूटी में
जब जा पहुंचे इन पहाड़ों में,

पीछे बैठी हो तुम,
सर टिकाये मेरे कन्धों में
कुछ कहो कुछ बताओ तुम,
गुम होरही किन ख्यालों में ,
बस थोड़ी सी रफ़्तार और जा पहुंचे इन पहाड़ों में।

अब गालों को लगी है हवा चूमने
वादियां बसने लगी हैं इन निगाहों में ,
तुम भी आज़ाद करदो इन जुल्फों को
उड़लेने दो इन हवाओं में
हाँ घुल रही है तुम्हारी महक
नशा हो रहा है इन फ़िज़ाओं में
जब जा पहुंचे इन पहाड़ों में।

कैसे रिश्तों की गुथियाँ सुलझती,
परतें दर परतें उतरती
कैसे रिश्तों में गहराइयाँ हैं झलकती
धीरे धीरे समझ है उभरती
जाना जब पहुंचे इन पहाड़ों में।

अब तो बातें हो रही हैं इशारों में
पड़रहे हैं हम इन निगाहों में।
दूर निकल जब दूरियां मिटाते हैं
रिश्ते और भी करीब आजाते हैं
अपने आप को नया फिर वो पाते हैं
जाना जब जा पहुंचे इन पहाड़ों में

चाय पीने के बहाने से,
जब जा पहुंचे इन पहाड़ों में ।।

 

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