Category «Uncategorized»

Hum Dekhienge: Faiz ki Nazam kitni Hindu Virodhi

Hum Dekhienge: Faiz ki Nazam kitni Hindu Virodhi

ये फैज़ अहमद फैज़ की नज़्म जियाउल हक़ के साम्प्रदायिक और कटरपंथी  पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ पैदा हुयी थी।  मैंने उर्दू के कुछ अलफ़ाज़ हिंदी में अर्थ के साथ लिखें हैं। आजकल ये नज़्म हिन्दू विरोधी बताई जारही है।  आप पढ़िए और बताइये कि ये कितनी हिन्दू विरोधी है.      हम देखेंगे लाज़िम है …

Story of a 14 years old kid

Increasing parkings bikes made me realize that my sisters have grown up beautiful. Otherwise I was still throwing at them my sticky nose stuffs. Now I am enjoying the growing attention of these stupid adults. As a 14 years old, smart kid with light grown mustache, what do you aspect from me. Actually at this …

Eyes: ये आँखें

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आंखें, ये आँखें, हाय री  आँखें। क्या खेल है जो खेल रही है ये आँखें,   कभी बड़ी, कभी छोटी होके क्यों  चिढ़ा रही ये आँखें भौंहों को मटकाके, अपनी तरफ खींचती ये आँखें जानता हुँ , चुपके चुपके देखती है, मुझे ये आंखें   मेरी नजरे पड़ते ही कही घूमती ये आँखें बातों से …