Category «HINDI POEMS»

Quotes that will leave You Thinking

Attitude Matters

मिलन की दुआ कैसे माँगू उस टूटते तारे से जो खुद अपने आसमान से बिछड़ा है   *आज का दिन भी गया और मैं खुद को पाए बिना आज फिर लौट गया    *Past जितना भी खुबसुरत हो पर आज की आँखों में चुभता जरूर है  Future का चाहे चेहरा न हो पर आज की …

Suicide: End of All Hopes

Suicide: End of All Hopes

Suicide: End of All Hopes is a Hindi poem which expose the darkest part of that person who is feeling to commit suicide. There can be many reasons for that. In India mostly students and farmers feel this darkest part. They take every positive things in negative sense. At that time postivity of life (The …

Survival of the Fittest

Survival of the Fittest

Survival for the fittest is a terminology frequently used in the corporate world. Most of the things are so fake in this world. Inaptness is hiding behind fancy words. I can’t be true for every corporate but where are the labor laws then. No rule is clear. That compels the good minds to enter in …

Eyes: ये आँखें

eyes-your-eyes

आंखें, ये आँखें, हाय री  आँखें। क्या खेल है जो खेल रही है ये आँखें,   कभी बड़ी, कभी छोटी होके क्यों  चिढ़ा रही ये आँखें भौंहों को मटकाके, अपनी तरफ खींचती ये आँखें जानता हुँ , चुपके चुपके देखती है, मुझे ये आंखें   मेरी नजरे पड़ते ही कही घूमती ये आँखें बातों से …

Tea: Love of India/ Beats Heart For Tea

India and tea

Tea: Love of India/ Beats Heart for Tea is a poem which is Aadhar card to know that he is Indian metaphorically.   ये चाय तेरे इश्क़ की तलब में मेरे हाथों एक बेचारा अदरक कुट गया HINDI: ठंडे पड़े रिश्तों को, यादों के बस्ते से निकाल  चाय की गरमाहट, रिश्तों में ढूंढ रहा हूँ।  …

Sun and Earth: A Beautiful Love Story

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Sun and Earth: A Beautiful Love Story HINDI:   ” इश्क़ का रोग होता ही,  ऐसा है जनाब बर्बाद होने की आयतें, हम रोज पढ़ा करते हैं।”   क्रोध नहीं ये सूर्य का, इश्क़ है इस धरती का महबूब की गली, महोब्बत में देखो  फनाह होने वो चली।   अन्जामे इश्क़ जो भी हो, भुगतना …

LAZINESS: MY WAY OF LIVING

Laziness my way of living

LAZINESS: MY WAY OF LIVING HINDI: आलसी नहीं मैं बस, पलट- पलट के सोने का मजा ही कुछ और है।  पांच मिनट के लिए सोता हूँ, पर दो घंटे बाद जागता हूँ।  ऑफिस की एक घंटे की दूरी , कूदते-फाँदते पैंतालीस मिनट में पूरी कर लेता हूँ।    आलसी नहीं मैं बस, पलट- पलट के …