Category «HINDI POEMS»

SUNDAY: Fursat Wala Missing Sunday

Fursat Wala Sunday

SUNDAY की सुबह है, बारिश का मौसम है। चाय नहीं, पकौड़े नहीं   गुरुर में थे, नींद से कोई जगा नहीं सकता बिस्तर से कोई हमें हिला नहीं सकता अचानक फिर WATS UP की रिंग हुई, मुँह से गालियों की BINGE हुई   फिर….. फिर क्या एक घंटे बाद OFFICE में GOOD MORNING हुई।

Change: पता नहीं कब

पता नहीं कब

समझदारी का ये चोला, पता नहीं कब औढ़ लिया गंभीरता ने चेहरे की मासुमियत छिन्नकर, खुशियों से, पता नहीं कब मुँह मोड़ लिया   अभी तो बैठे थे सब दोस्त मिलकर, बेफिक्री का आलम, पता नहीं कब तोड़ लिया। कभी रुकते नहीं थे पैर हॉस्टल के एक कमरे में, ऑफिस के एक केबिन में, पता …

Cat Love: Hindi Poem

love for cat

Cat Love: Hindi Poem. If you are a cat person you will understand it. Watch the video.  Cat Love: Hindi Poem For other Hindi Poems. People say cat is a thief but It is not true.   चोर नहीं वो चोरी उसके शब्दकोष में नहीं, जानवर है मेरी बिल्ली,  इंसानो की फितरत में अभी रमी …