Category «HINDI POEMS ON LIFE»

Hindi poems on life are the very true imagination of the life what we paint through Hindi kavitayen. The one who has monotonous life can’t understand that.

In Hindi poems, we live or feel that life which we really want to live or feel. The ups and downs of the life have place in these kavitayein. These are the stories of your life in rhythmic and witty way which do nothing but craft you very well.

Kagaj Kalam has provided you the Hindi poem for life. That is a mirror in which you can learn to tackle every situation.

Those Hindi poem on life are inspirational or may be the inspirational story of winning. Rhythmic way of expressing is quite tough and time taking. But once you got the essence of life what you feel at that very moment. You can write it down that becomes a beautiful creation.

 

Change: पता नहीं कब

पता नहीं कब

समझदारी का ये चोला, पता नहीं कब औढ़ लिया गंभीरता ने चेहरे की मासुमियत छिन्नकर, खुशियों से, पता नहीं कब मुँह मोड़ लिया   अभी तो बैठे थे सब दोस्त मिलकर, बेफिक्री का आलम, पता नहीं कब तोड़ लिया। कभी रुकते नहीं थे पैर हॉस्टल के एक कमरे में, ऑफिस के एक केबिन में, पता …

Cat: Love Means You

love for cat

चोर नहीं वो चोरी उसके शब्दकोष में नहीं, जानवर है मेरी बिल्ली,  इंसानो की फितरत में अभी रमी नहीं, मेरी गैर मौजूदगी में भी दूध में पतीले पे वो मुँह तक मारती नहीं, चोर चोर कहते हो तुम शायद चोर तुमने अभी देखे नहीं, विश्वास पे घात लगाए रहते हैं शुक्र करो तुम उनसे अभी …

Woman: Beyond Definition

Woman Day -Her Quest For Identity

कौन  हूँ  मैं ? दुर्गा, काली, सीता का अभिमान मैं, या किसी के पैर की जुती का स्थान मैं।   कौन  हूँ  मैं ? कवि की रचना का फूल मैं, या पैदा होने से पहले कुचली,  वो कली मैं।   कौन  हूँ  मैं ? चाँद जिस खूबसूरती से जले वो जलन मैं, या चाँद जैसा …