HINDI STORIES | हिंदी कहानियाँ |

HINDI STORIES

HINDI STORIES | हिंदी कहानियाँ | क्या आप कहानियों का शौक रखते हैं ? तो आप सही जगह हैं। कागज कलम का ये सेक्शन हमने ख़ास आपके लिए ही बनाया है।

HINDI STORIES | हिंदी कहानियाँ |

यहाँ डर है , प्यार है , सिख है , भाईचारा है पर बोरियत बिल्कुल नहीं। कहानियां कुछ ऐसी ही होती है कभी सुनने के लिए तो कभी सुनाने के लिए।

 ज़िम्मेदारी: A Hindi Story

नवीन नाम का एक दर्जी था, जो काफ़ी मेहनती था उसके बनाएं कपड़े दूसरे मोहल्ले में भी प्रचलित थे। नवीन कपड़े बनाता भी था तथा उन पर डिजाइनिंग का काम भी करता था और इसी कारण की वजह से हर कोई उससे कपड़े बनवाना चाहता था। वह अपने कार्य में सबसे उत्तीर्ण था। उसके पास बाकी दर्जी भी आते काम सीखने और वह उनको भी बताता कि अच्छा कपड़ा कैसे बनाया जाता है नवीन कभी भी दूसरों को ज्ञान बांटने में घबराता नहीं था। आगे पढ़ें :  ज़िम्मेदारी: A Hindi Story

हमारे‌ ताऊजी

दो भाई थे आकाश और सागर , आकाश एक किसान था और सागर एक व्यापारी था। आकाश अपने छोटे से परिवार के साथ गांव में रहता था उसके परिवार में उसकी बीवी माधुरी छोटी बेटी परी और बड़ा बेटा राघव रहता था। उसका बड़ा भाई सागर शहर में रहता था । आगे पढ़ें : हमारे‌ ताऊजी : Hindi Story 

 

औरत | Woman: Hindi Story

औरत को सर का ताज कहते हैं पर क्या सही में हम उसको ताज की तरह रखते हैं। एक औरत का जिस चीज़ पर जितना हक है क्या कभी हम उसको उसका हक दे पाए हैं। बचपन से ही एक सोच हमारे दिमाग में डाल दी जाती है कि एक लड़का एक लड़की से ताकतवर होता है वह यह काम कर सकता है यह काम लड़की नहीं कर सकती है। और अगर हम लड़कियों की शिक्षा की बात करें तो आज भी गांव में लोगों को लड़कियों के शिक्षा एक बोझ लगती है, उन्हें लगता है लड़की तो पराया धन है जिसके ऊपर हम कितना भी पैसा लगा ले एक ना एक दिन उसे दूसरे घर जाना है। कुछ मां-बाप अपनी बेटी को पढ़ाते तो है पर यह बोलते हैं कि तुम यह बन सकती हो यह नहीं बन सकती इसमें में ज्यादा पैसा लगेगा तुम्हारे ऊपर ज्यादा पैसा लगाकर फ़ायदा ही क्या है तुम्हें पढ़ना है पढ़ो पर कुछ ऐसा जिसमें तुम पर ज़्यादा पैसा ना लग सके। आगे पढ़ें : औरत | Woman: Hindi Story

School Ki Skills

स्कूल: शिक्षा का मंदिर या स्किल्स सीखने का अड्डा। पर अपने लिए तो ये नाम लेते ही शुरू हो जाता है Nostalgia का सफर और हम पहुँच जाते हैं पुरानी यादों में। जहाँ स्किल्स के नाम पे हैं अजीब रूल्स , आज़ाद ख़याल , ढेर साड़ी गप्पे और बकैतियाँ। आगे पढ़ें : School Ki Skills

नयन का फ़ोन | Hindi Story

एक परिवार था जिसमें पति पत्नी और उनकी तीन बेटियां रहती थी। बेटियों का नाम नीलम निशा नयन था। तीनों बेटियां पढ़ने में काफ़ी होशियार थी। आगे पढ़ें : नयन का फ़ोन | Hindi Story

Geeli Mitti | PahadNama

जिस मकान में सुकुन, स्वस्थ्य , अपनापन न हो, वो मकान , केवल मकान है,  घर नहीं । एक middle class आदमी अपनी जिन्दगी का hard earned money लगाकर मकान बनाता है, ये सोचकर कि उम्र के एक पडाव पर वो सुकुन से घर में रहे। पर वो मकान गर्मियों में बहुत गर्म और सर्दियों बहुत ठंडा रहे तो वो सुकुन दे पाएगा ?  क्या घर बन पायेगा ? आगे पढ़ें : Geeli Mitti | PahadNama

गौरैया की सीख Hindi Story

एक बार की बात है एक गौरैया चिड़िया अपने परिवार के साथ लखनराम के बगीचे में रहती थी। लखनराम काफ़ी धनवान आदमी था । उसके पास काफ़ी बड़ा बगीचा था जिसमें काफ़ी पेड़ पौधे थे। उसी बगीचे में एक अमरूद के पेड़ पर गौरैया अपने बच्चों के साथ रहती थी। एक बार क्या हुआ ? गौरैया अपने बच्चों को कहानी सुना रही थी तभी वहां लखनराम आता है और अपने आदमियों से कहता है कि यह सारे पेड़ काट दो। आगे पढ़ें : गौरैया की सीख 

सुखदेव और बाली | Hindi Story

एक बार की बात है दो मित्र हुआ करते थे सुखदेव और बाली, दोनों ही काफ़ी अच्छे मित्र थे। सुखदेव और बाली अब धीरे-धीरे बड़े हो रहे थे अब उनका गुरुकुल में जाकर शिक्षा लेने का समय आ गया था। बाली ‌कहता है मित्र अब तो हम साथ में शिक्षा ग्रहण करने जा रहे हैं कितना आनंद आएगा। सुखदेव कहता है मित्र मैं तो शिक्षा ग्रहण कर सकता हूं मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है परंतु तुम शिक्षा ग्रहण कैसे कर सकते हो। बाली कहता है मैं क्यों नहीं कर सकता शिक्षा ग्रहण मित्र। सुखदेव कहता है कि तुमको गुरुकुल के नियम कायदे कानून नहीं मालूम क्या वहां पर सिर्फ़ ब्राह्मण जाति के लोगों को शिक्षा मिलती है और तुम तो ब्राह्मण जाति के हो ही नहीं। बाली कहता है यह  भेदभाव क्यों? आगे पढ़ें : सुखदेव और बाली | Hindi Story

दो भिखारी | Hindi Story

एक बार की बात है। दो भिखारी थे एक का नाम रघु और दूसरे का नाम नंदन था। रघु को लिखना पढ़ना नहीं आता था परंतु नंदन को लिखना पढ़ना दोनों आता था। परंतु दोनों ही बचपन से अपंग थे।

नंदन हर समय भगवान को कोसता नंदन को पढ़ने लिखने का शौक भी था पर वह अपनी अपंगता को अपनी कमज़ोरी समझता था। नंदन कहता आजकल लोग कितने लालची हो गए हम गरीबों को एक ₹2 देने से भी कतराते हैं। रघु कहता है इसमें तुम भगवान को या किसी इंसान को दोष मत दो क्योंकि आजकल कई लोग अपंग होने का नाटक करते हैं और भीख मांगते हैं। आगे पढ़ें : दो भिखारी | Hindi Story

करुणा एक नई सोच | Hindi Story

करुणा की सुबह 4:00 बजे से हो जाती है करुणा एक ग्रहणी है जो सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने परिवार को अपनी पूरी दुनिया मानती है  करुणा का एक बेटा है जिसका नाम अर्जुन है .अर्जुन अपनी मां के हर काम में  मदद करता है, करुणा का पति जादव काफ़ी अच्छा और मेहनती इंसान है ऐसा पति और बेटा पाकर अपने आपको धन्य समझती है पर हर मनुष्य के जीवन में कुछ ऐसा समय आता है जो आपकी आने वाली ज़िंदगी का रुख़ मोड़ देता है और ऐसा ही कुछ करुणा के साथ हुआ। आगे पढ़ें : करुणा एक नई सोच | Hindi Story