BEATING: A FUN

 

हेय सुनो।  क्या तुमने भी मेरी तरह मार खायी है।

कहीं से पिट के आये हो या किसी को पीट के आये हो।

दोनों ही सूरत में घर जाकर, मूरत केवल तुम्हारी ही बिगड़ी हो।

 

कहीं से गिरे हो या किसी को गिराया हो

चोट लगी हो या किसी को लगायी हो

कुछ भी हो डंडे से सिकाई केवल तुम्हारी ही हुई हो,

 

हेय सुनो।  क्या तुमने भी मेरी तरह मार खायी है।

नहीं जी नहीं जी, हाँ जी हाँ जी, अब नहीं करेंगे जी के गाने क्या तुमने भी गुनगुनाये है।

बन्दर को पीछे से देख, क्या तुमने भी मेरी तरह BUM मसाजी है।

हेय सुनो।  क्या तुमने भी मेरी तरह मार खायी है।

 

दर्द उस पिटाई का, आज के अकेलेपन का मलहम बन गया,

जब बीते दिनों की यादों के समंदर में डुबकी लगा,

ठहाकों के मोती चुनकर मैं ले आया।

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