Ak Jungle Hai Phoolon Ka: A Hindi Kavita

Ak Jungle Hai Phoolon Ka: A Hindi Kavita is aboutthe state of confusion when you are around the attractive things. I realized at valley of flower In Chamoli, a beautiful place in Uttarakhand. Here I have used flowers but you will get the inference as you read this Hindi Poem. You can see a picture of Dushiyant Kumar ji, in some of the words. I tried to show his style with my limited understanding on Hindi. Hope I will get success.

To watch the poem, please visit the YouTube channel PahadNama.

Ak Jungle Hai Phoolon Ka: A Hindi Kavita

 

एक जंगल है फूलों का

हर फूल अपनी खुशबु लिए दूसरे से मिल रहे हैं ‌
पर खुशबुओं की एक दुसरे को जीतने की कोशिश में

मदहोश हम हो रहे हैं।

 

“एक जंगल है फूलों का”

फूलों की महक ओढ़े ये जो हवा चल रही है

छू जाये जिसे भी उसे अपना वो कर रही है

बह चले उस ओर हम भी

शोखियां जिस भी जगह मुड़ रही है

 

“एक जंगल है फूलों का”

यकीन है हमें भी कहीं तो ठहर जायेंगे

एक ही खुशबू को ओढेगे और बिछायेंगे

वहीं खुशबू लिए जगेंगे और सोयेगे ।

सपने भी हम उसी से महकायेगे

 

“एक जंगल है फूलों का”

पर ऐसी खुशबू से मिलना अभी बाकी है

सीने में वो फूल खिलना बाकी है

मेरे ख्वाबों से हकीकत में आना अभी बाकी है ।

उसे जंगल से बाहर आना अभी बाकी है।

“एक जंगल है फूलों का”

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