Monthly archives: February, 2021

नर को अपना सहचर है माना

    नभ-तरु-सरोवर-भूधर, सब है नर के सहचर है ये सब कुदरत के दिए, मानव के हर्ष के लिए परंतु प्रकृति थी बेचारी भोली, जो मनुष्य ने माँगा दे डाली न जान पायी इंसान को, न उसके ह्रदय के लंकेश को पेड़-वन-पशु-पक्षी, सबको मानव ने दिया है कष्ट, केवल अपने आनंद के लिए, कुदरत को …