Monthly archives: September, 2020

SUNDAY: Fursat Wala Missing Sunday

Fursat Wala Sunday

SUNDAY की सुबह है, बारिश का मौसम है। चाय नहीं, पकौड़े नहीं   गुरुर में थे, नींद से कोई जगा नहीं सकता बिस्तर से कोई हमें हिला नहीं सकता अचानक फिर WATS UP की रिंग हुई, मुँह से गालियों की BINGE हुई   फिर….. फिर क्या एक घंटे बाद OFFICE में GOOD MORNING हुई।

The Game: Get the Seat First

The Game: Get the Seat First

Sometimes, without disclosing what is going in our mind, we find ourselves playing the same game. At this time, the game’s name is not discovered but I named it who is going to get the seat first. Most of us would have played this game in many public places. But playing such a game in the metro …

Change: पता नहीं कब

पता नहीं कब

समझदारी का ये चोला, पता नहीं कब औढ़ लिया गंभीरता ने चेहरे की मासुमियत छिन्नकर, खुशियों से, पता नहीं कब मुँह मोड़ लिया   अभी तो बैठे थे सब दोस्त मिलकर, बेफिक्री का आलम, पता नहीं कब तोड़ लिया। कभी रुकते नहीं थे पैर हॉस्टल के एक कमरे में, ऑफिस के एक केबिन में, पता …

Power of Character: A Story In Hindi

Power of Character: A Story

कहते हैं कि आप स्किल्स की वजह से कम अपने करैक्टर की वजह से ज्यादा, उस मक़ाम पर होते है जो आप हाशिल करना चाहते हैं।  हाँ वो करैक्टर जो बनने से पहले कई सीढ़ियां चढ़ के आता है। पैदा होने से शुरू हुआ ये सफर बचपन,परिवार, स्कूल, दोस्त, कॉलेज, प्यार, breakups, मेहनत , सफलता, …

Because I don’t Lose: क्योंकि मैं हार नहीं मानता

क्योंकि मैं हार नहीं मानता

मैं हार नहीं मानता। क्योंकि कभी किसी ने सिखाया ही नहीं । न लोगों ने, न किताबों ने, न मोटिवेशनल स्पीकर्स ने, और नहीं कभी मेरे बाप- दादाओं ने। तो भला मैं अपने बच्चों को कैसे सिखाता। सुना है। इस ऐटिटूड से लोगों ने बहुत कुछ पाया है। एग्जाम में अच्छे मार्क्स, सरकारी नौकरी, पैसा, …