हमारे‌ ताऊजी : Hindi Story

हमारे‌ ताऊजी is a Hindi Story   in Kagaj Kalam by Bhumika Joshi that is written beautifully and showing what relation stand for. 

 

Pakshi par kavita

‌हमारे‌ ताऊजी

दो भाई थे आकाश और सागर , आकाश एक किसान था और सागर एक व्यापारी था। आकाश अपने छोटे से परिवार के साथ गांव में रहता था उसके परिवार में उसकी बीवी माधुरी छोटी बेटी परी और बड़ा बेटा राघव रहता था। उसका बड़ा भाई सागर शहर में रहता था ।

PahadNama

बच्चे सदैव अपने पापा से कहते हैं कि हमने आज तक शहर नहीं देखा हम अपने ताऊजी से भी नहीं मिले आप हमको मिलवा क रहे हो उनसे। आकाश बच्चों को हर बारी टाल देता था यह कहकर कि अगर हम शहर गए तो तुम्हारी पढ़ाई का नुकसान होगा और मैं नहीं चाहता कि तुम्हारी पढ़ाई का नुकसान हो बच्चे यह बात सुनकर चुप हो जाते थे और अपने काम में लग जाते थे। अगले महीने बच्चों ने फिर से जिंद कि हमको हमारे ताऊजी से मिलना है हमको शहर जाना है और  पापा इस बार हमारे स्कूल की छुट्टियां पड़ी है तो आप हमसे यह मत कहना कि हमारी पढ़ाई का नुकसान हो जाएगा। आकाश अपने बच्चों को समझाने की कोशिश करता है पर इस बार बच्चे ज़िद पकड़ कर बैठ जाते हैं कि हमको जाना है तो जाना है।

बच्चों से वादा: हमारे‌ ताऊजी Hindi story

आकाश अपने बच्चों से वादा करता है कि हम कल सुबह की ट्रेन से राजस्थान तुम्हारे ताऊजी से मिलने जाएंगे।‌ इतना कहते ही बच्चे काॅफी ख़ुश हो जाते हैं और कहते हैं आप सबसे अच्छे पापा हो। माधुरी आकाश को कमरे में बुलाती है और कहती है अपने बच्चों को ऐसा वादा क्यों करा, आपने उनसे राजस्थान क्यों बोला आपको तो पता है आपके बड़े भाई साहब दिल्ली में व्यापार करते हैं तो आपने झूठ क्यों बोला , आकाश कहता है माधुरी क्या तुमको पता नहीं मेरे बड़े भाई और मेरे रिश्ते कैसे हैं तुम्हें तो पता ही है जब हम उनसे आशीर्वाद लेने गए थे उन्होंने हमको क्या कहा था कि तुम यहां से निकल जाओ ।मेरे बड़े भाई का नाम है सम्मान है शहर में और उनको मुझे देखकर गरीबी का एहसास होता है क्योंकि मैं एक मामूली किसान हूं। और ये भी कहा है कि मेरे पास तब तक नहीं आना जब तक तुम मेरे जितना पैसा  कमाने न लग जाओ और तुम्हें तो पता ही है मेरे बड़े भाई जितना पैसा कमाना मेरे लिए काफ़ी मुश्किल है।

माधुरी: हमारे‌ ताऊजी Hindi story

माधुरी कहती है तो अपने बच्चों से इतना बड़ा झूठ बोल दिया आकाश कहता है देखो माधुरी मेरे बच्चों ने आज तक शहर नहीं देखा उनको मैं खुश देखना चाहता हूं और बस इसी खुशी के लिए मैंने ये सब करा है। माधुरी कहती है इससे अच्छा तो आप उन्हें सच बता दीजिए आकाश कहता है तुम्हें पता है ना हमारे बच्चे कैसे हैं अगर हमने उनको सच बता दिया तो वह मेरे बड़े भाई से नफ़रत करेंगे और  मैं नहीं चाहता कि मेरे बच्चे किसी के प्रति नफ़रत की भावना रखें। माधुरी कहती है अच्छा और जब हम राजस्थान जाएंगे तब बच्चे कहेंगे कि हमें ताऊजी से मिलना तब आप क्या करोगे आकाश कहता है पहले हम राजस्थान पहुंच जाए फिर तुम देखना कि मैंने क्या सोचा है। माधुरी कहती है जैसी आपकी इच्छा।

धर्मशाला: हमारे‌ ताऊजी Hindi story

आकाश अपने परिवार के साथ राजस्थान पहुंच जाता है वह राजस्थान में ‌एक सस्ती धर्मशाला में एक कमरा किराए पर लेता है। पहले दिन आकाश अपने परिवार को राजस्थान के मंदिरों में घूमआता है अगले दिन आकाश के बच्चे कहते हैं पापा आज हम अकेले नहीं जाएंगे हम ताऊजी के परिवार के साथ ही जाएंगे। आकाश कहता तो ठीक है मैं तुम्हारे ताऊजी को यही लेकर आ जाता हूं बच्चे कहते है ठीक है आप जल्दी लेकर आओ ‌ उन्हें। आकाश  तीन-चार घंटे राजस्थान की सड़कों में घूमकर वापस धर्मशाला आ जाता है। आकाश कहता है कि तुम्हारे ताऊजी तो व्यापार के काम से दूसरे शहर जा रखे हैं तो बच्चे कहते हैं तो ताईजी कहां हैं आकाश कहता है भाभी को मैं अभी रेलवे स्टेशन छोड़ कर आ रहा हूं वो अपने मायके  जा रही है उनकी मां की तबियत काफ़ी खराब है। बच्चे कहते हैं तो हम भी ताईजी के साथ चलते हैं ना आकाश कहता है भाभी ने मुझे मना करा है उन्होंने कहा तुम राजस्थान घूमने आए हो तो हमारी टेंशन मत लो। बच्चे कहते हैं हमारी ताईजी इतनी अच्छी है, हमारे बारे में कितना सोचती है। आकाश कहता है, हां तुम सही बोल रहे हो। ठीक है बच्चों तो हम बस अकेले  घूम कर  वापिस अपने गांव चले जाएंगे बच्चे कहते हैं ठीक है पापा।

परी गुम जाती है

अगले दिन जब वह लोग घूम रहे होते हैं तो गलती से आकाश की बेटी परी गुम जाती है आकाश उसे हर जगह ढूंढता है पर वह नहीं मिलती। परी एक दुकान के पास खड़ी होती है। वहां पर  एक आदमी  उसको गोदी में उठा लेता है और कहता है तुम यहां क्या कर रही हो परी। परी कहती है आप कौन हो आपने मुझे गोदी में क्यों उठाया मुझे नीचे उतारो। वह आदमी कहता है मैं सागर हूं परी कहती अच्छा तो आप मेरे ताऊजी हो है ना पर पापा तो कह रहे थे वो या है ही नहीं। सागर इससे पहले अपने बारे में कुछ बताएं वह कहता है तुम्हारे पापा ने तुम्हारे ताऊजी के बारे में तुम्हें क्या बताया है। परी को जितना कुछ पता होता है वह सब उस आदमी को बता देती है। 

शिक्षक बन गया हूं

आदमी कहता है कि मैं ही तुम्हारा सागर ताऊजी हूं और मैं व्यापार छोड़ चुका हूं और शिक्षक बन गया हूं क्योंकि मुझे व्यापार में काफ़ी घाटा हो रहा था। परी कहती है तो चलो आप मेरे पापा से मिलना वह आपको बहुत याद कर रहे थे सागर उसे आकाश के पास लेकर जाता है। जैसे ही आकाश सागर को देखता है आकाश के कुछ बोलने से पहले ही सागर  कह देता है अरे आकाश मुझे माफ़ करना मैं आज ही यहां राजस्थान आया हूं पर अब मैं तुम लोगों से अच्छे से मिलूंगा और तूने इतने सालों से बच्चों को अपने ताऊजी से क्यों नहीं मिल वाया। राघव कहता है क्या आप हमारे सागर ताऊजी हो वह कहता  हां  सागर ताऊजी मैं ही हूं और अब मैं एक शिक्षक हूं बस।‌ बच्चे अपने ताऊजी को देखकर बहुत ख़ुश होते हैं सागर कहता है बच्चों अब रात हो गई है तुम लोग सोने जाओ हम कल घूमने चलेंगे । सागर आकाश और माधुरी को बाहर बुलाता है और कहता है मैं जानता हूं तुम लोगों ने बच्चों से झूठ कहा है और मैं इस झूठ को आगे चला रहा हूं बस। माधुरी कहती है यह आप क्या कर रहे हो आप भी झूठ में शामिल हो गए बच्चों को कितना बड़ा झटका लगेगा जब उन्हें पता चलेगा कि आप आकाश के स्कूल के मित्र हो ना कि उनके‌ बड़े भाई।

सागर कहता है

सागर कहता है अरे भाभी मुझे पता है आकाश ने बच्चों से यह झूठ क्यों बोला और मुझे यह भी पता है कि बच्चे इससे कितना ख़ुश है तो मैं बच्चों की खुशी ही चाहता हूं और सही समय आने पर हम बच्चों को सब बता देंगे अभी बच्चे इतने बड़े नहीं हुए हैं कि वह यह बात समझ सके और क्या हो गया बच्चे तो मुझे आपना ताऊजी मान ही चुके हैं। और मेरा नाम भी तो सागर है, सबसे अच्छी बात है मैं राजस्थान में रहता हूं बस मेरी बीवी मेरे बच्चे आजकल मायके जा रखे हैं घूमने फिरने। आकाश की आंखों में आंसू आ जाते हैं सागर कहता है भाई तू रो क्यों रहा है इतने सालों से मुझसे मिलने नहीं आया क्यों भाई ज़रा बताएगा। आकाश कहता है मेरी आर्थिक स्थिति तुम लोग जैसी नहीं है क्या पता तुमको मेरा आना अच्छा ना लगे। सागर‌ कहता है भाई तू मेरा बचपन का दोस्त है ठीक है और मेरी सोच तेरे बड़े भाई सागर जैसे तो बिल्कुल नहीं है। तू किसान है तुझे पता है ना तू मेरे से और अपने बड़े भाई से ज़्यादा मेहनत करता है तू खेतों में कड़ी धूप में  फसलों को उगाता है और अगर किसानों ने ही फ़सल उगाना यह सब छोड़ दिया ना तो पूरा देश भूखा रह जाएगा तो तू अपने आप को कम मत समझ ठीक है ना। आकाश कहता है तू अभी भी नहीं बदला ना सागर कहता है भाई मैं तो नहीं बदला और ना ही ना बदलूंगा और अब मैं भी सोने जा रहा हूं कल बच्चों के साथ मस्त घूमेंगे।

आकाश का परिवार

अगले दिन आकाश का परिवार और सागर घूमने फिरने निकल जाते हैं बच्चे काफ़ी खुश होते हैं सागर उन्हें बिल्कुल ताऊजी जैसा प्यार कर रहा था। अब शाम हो जाती है आकाश कहता है अब हम कल सुबह अपने गांव वापस चले जाएंगे मुझे मेरे बड़े भाई सागर से मिलकर बहुत खुशी हुई और मैं यहां राजस्थान अब जरूर आता रहूंगा। अगले दिन आकाश का परिवार गांव के लिए निकल जाता है बच्चे जाते जाते अपने ताऊजी से कहते हैं आप दुनिया की सबसे अच्छे ताऊजी हो जितना पापा ने बोला है ना उससे भी ज़्यादा अच्छे हो आप। सागर कहता है तुम तो उससे भी ज़्यादा अच्छे हो बच्चों और जब भी मिलना हो ना बस आ जाना यहां और मैं भी आता ही रहूंगा तुमसे मिलने वैसे। इतना कहने के बाद आकाश का परिवार ट्रेन में बैठ कर चले जाता है।

 

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